विकासखंड मुख्यालय तामिया से लगभग 56 किलोमीटर दूरी पर सांगाखेड़ा से आगे ग्राम आलमोद के पास गुनिया घोघरा जलप्रपात स्थित है।
यह जलप्रपात गुनिया घोघरा जलप्रपात, जिला छिंदवाड़ा का दूसरा सबसे बड़ा जलप्रपात है।
इस जलप्रपात को गुनिया घोघरा जलप्रपात के नाम से जाना जाता है। गुनिया घोघरा जलप्रपात जलप्रपात की ऊंचाई लगभग 200 फीट है।
गुनिया घोघरा जलप्रपात में पानी बहुत अधिक ऊंचाई से गिरता है। बहुत अधिक ऊंचाई से पानी गिरने के कारण, यहां नीचे काफी बड़ा और बहुत गहरा कुंड बन गया है।
गुनिया घोघरा जलप्रपात सघन वन क्षेत्रों से घिरा हुआ है। यहां सघन वन क्षेत्र होने से प्राकृतिक सौंदर्य की छटा ही निराली है।
यह भी पढ़ें-
गुनिया घोघरा जलप्रपात से प्राकृतिक सौंदर्य का व्यू पांइट ऐसा है कि, मन करता है, कि निहारते ही रहें।
यहां के सुदूर पर्वतीय वनक्षेत्र बादलों से आच्छादित स्वर्ग की अनुभूति प्रदान करते हैैं।
गुनिया घोघरा जलप्रपात सघन संरक्षित वनक्षेत्र में होने से तथा पहुंच विहीन होने के कारण, आम पर्यटकों की पहुंच से बाहर है।
उत्साही प्रकृति प्रेमी ही मुश्किलों को झेलते हुए, इस गुनिया घोघरा जलप्रपात का आनंद लेने बड़ी मुश्किल से पहुंच पाते हैं।
पिकनिक मनाने व पर्यटन के दृष्टिकोण से विकसित किये जाने के बाद गुनिया घोघरा जलप्रपात अत्यंत मनोरम स्थान बन जावेगा।
संरक्षित वन क्षेत्र में वन विभाग एवं पर्यटन विभाग द्वारा पहुंच मार्ग बनाए जाने पर निश्चित ही गुनिया घोघरा जलप्रपात, छिंदवाड़ा जिले का एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल के रूप में प्रसिद्ध हो जाएगा।



0 टिप्पणियाँ