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गोमुख मेला, उमरेठ, छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश (Gomukh Mela, Umreth, Chhindwara, Madhya Pradesh)

एक अनोखा गोमुख मेला, उमरेठ जैसा कि नाम से पता चलता है गाय के मुुख आकर्षण का केंद्र है।

जिला छिंदवाड़ा की उमरेठ तहसील के पास ग्राम पंचायत जमुनिया जेठू के अंतर्गत तथा ग्राम पंचायत दमोह रैय्यत व मानका देही के मध्य वन क्षेत्र में गोमुख मंदिर प्रकृति के नैसर्गिक सौंदर्य के साथ प्राचीन प्रतिमाओं के लिए प्रसिद्ध है।

मंदिर में भगवान शिव, पार्वती, गणेश, कार्तिकेय, महावीर स्वामी, कालभैरव, वीरभद्र, चित्र सेन की पुरानी मूर्तियां है। 

यहां शिव मंदिर के समीप गौमुख आकार की शिला है। जिसके बीच से जलधारा निरंतर एक छोटे झरने के रूप में गिरती रहती है। 


जिला मुख्यालय छिंदवाड़ा से लगभग 30 कि.मी. दूर वन क्षेत्र में यह स्थान स्थित है। गोमुख मेला स्थान उमरेठ से 5 किलोमीटर दूर स्थित है। यहां प्रतिवर्ष कार्तिक पूर्णिमा से 10 दिवसीय मेला लगता है। इसे गौमुख मेला के नाम से जाना जाता है। 

गोमुख मेला लगभग 60 वर्षों से यहां भरता आ रहा है। श्रद्धालुओं की आस्था है कि यहां के जल से स्नान कर भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजन करने से मनोकामना पूरी होती है। 

गोमुख मेला आयोजन के दौरान धार्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियां निरंतर चलती रहती है। प्रारंभ के पांच दिवस तो गोमुख मेले में बहुत भीड़ रहती है। पश्चात धीरे-धीरे भीड़ कम होने लगती है।

यहां गोमुख मेला में बहुत अधिक संख्या में दुकानें लगाई जाती है। जिनमें आभूषणों एवं बर्तनों से लेकर घरेलू सामग्री व सौंदर्य प्रसाधन सामग्री की दुकानें होती है। 


गौमुख मेला समिति एवं स्थानीय वन सुरक्षा समिति व पुलिस विभाग, गोमुख मेला की समस्त व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से सुव्यवस्थित संचालित करती है।

गोमुख मेला एवं यह स्थान पिकनिक एवं पर्यटन की दृष्टि से एक अच्छा स्थल है। छिंदवाड़ा जिला मुख्यालय से यहां जाने के लिए गांगीवाड़ा से जमुनिया जेठू व लाल मंडी होते हुए पहुंचा जा सकता है।

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