छिंदवाड़ा की जीवनदायिनी नदी।।
जी हां, पेंच नदी!! छिंदवाड़ा जिले तथा नागपुर जिले की जीवन रेखा नदी है।
छिंदवाड़ा जिले के विकासखंड तामिया के मुत्तौर पहाड़ के निकट स्थित मुत्तौर ग्राम है। ग्राम मुत्तौर में निकट स्थित एक खेत के किनारे लगे एक बेर के वृक्ष के नीचे से पेंच नदी का उद्गम (Origin of Pench River) हुआ है।
पूर्व में यह पानी के एक पतले बहाव के रूप में ग्राम के निकट से बहती थी। वर्तमान में एक एन.जी.ओ(NGO) द्वारा कुआं खोदे जाने से पेंच नदी का वह अविरल प्रभाव लुप्त हो गया है।
अब यहां लगभग 10 मीटर अंडर ग्राउंड पेंच नदी का जल प्रवाहित होकर आगे से धरातलीय बहता है।
पेंच नदी छिंदवाड़ा जिले की जीवन रेखा के साथ-साथ नागपुर जिले की भी जीवन रेखा है।
छिंदवाड़ा जिले की दूसरी सबसे बड़ी नदी पेंच नदी है। अत्यधिक घुमावदार बहाव के कारण ही इसका नाम पेंच नदी पड़ा है।
पेंच नदी मुत्तौर से निकलकर न्यूटन चिखली नगर पंचायत सीमा को स्पर्श करती हुई, छिंदवाड़ा के समीप गांगीवाडा ग्राम के किनारे से होती हुई, छिंदवाड़ा नरसिंहपुर मार्ग के सिंगोड़ी ग्राम के दक्षिण की ओर से, पूर्व दिशा की ओर बहती है।
आगे बहती हुई छिंदवाड़ा सिवनी मार्ग के ग्राम झिलमिली के पास से चांद की ओर बहती है। जहां चांद के पास जिले की अन्य नदी कुलबहरा नदी का संगम पेंच नदी से होता है।
यहां से दक्षिण की ओर बहती हुई छिंदवाड़ा सिवनी की सीमा पार कर नागपुर जिले के कामठी के पास घाट रोहना के निकट कन्हान नदी से मिल जाती है।
पेंच नदी, छिंदवाड़ा जिले में लगभग 176 किलोमीटर बहती है।
माचागोरा बांध :-
पेंच नदी पर माचागोरा बांध पर 1320 मेगावाट की पेंच ताप विद्युत परियोजना की दो इकाई प्रस्तावित है।
माचागोरा बांध से छिंदवाड़ा जिले के 164 गांव तथा सिवनी जिले के 152 गांव की 85000 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई रबी फसल में तथा 29882 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई खरीफ फसल में होती है।
माचागोरा बांध की ऊंचाई 42 मीटर है। इसकी 360 मीटर लंबाई में पक्का तथा 6160 मीटर तक लंबाई में कच्चा बांध अर्थात लगभग 6.52 किलोमीटर तक लंबाई का बांध किया गया है। माचागोरा बांध से छिंदवाड़ा शहर तथा चौरई शहर में पेयजल आपूर्ति की जाती है।
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पेंच नेशनल पार्क सिवनी छिंदवाड़ा :-
जिला छिंदवाड़ा के आग्नेय दिशा में पेंच नदी के किनारे पर तथा सिवनी जिला के दक्षिण दिशा में सतपुड़ा पर्वत श्रेणियों पर पेंच नेशनल पार्क स्थित है। पेंंच नदी - पेंच नेशनल पार्क के बीच से बहती है। नेशनल पार्क का नाम भी पेंंच नदी के कारण पेंच नेशनल पार्क रखा गया है।
तोतलाडोह बांध :-
मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले की सीमा तथा महाराष्ट्र के नागपुर जिले के रामटेक तहसील की सीमा पर पेंंच नदी पर विशाल तोतलाडोह बांध बनाया गया है।
तोतलाडोह बांध की ऊंचाई 74.5 मीटर है, तथा 680 मीटर लंबाई है। इस पर 160 मेगा वाट का पेंंच हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर स्टेशन स्थापित है।
पेंंच नदी, नागपुर शहर ही नहीं बल्कि, नागपुर जिले की जीवनदायिनी रेखा है। नागपुर शहर के 70% पेयजल की आपूर्ति तोतलाडोह बांध के पानी से की जाती है।
पेंंच नदी के दाहिने तट नहर से कोराड़ी थर्मल पावर स्टेशन तथा खापरखेड़ा थर्मल पावर स्टेशन को जलापूर्ति की जाती है। पेंच नदी का शेष पानी पारसिवनी तालुका (तहसील), कलमेश्वर तालुका, सावनेर तालुका, कामठी तालुका तथा नागपुर ग्रामीण को प्रदाय किया जाता है।
पेंंच नदी की बांंई तट नहर पारसिवनी तालुका, रामटेक तालुका और मौदा तालुका को सिंचाई हेतु तथा एनटीपीसी मौदा सुपर थर्मल पावर स्टेशन को जलापूर्ति की जाती है।
कामठी खैरी बांध :-
पेंच नदी पर बने तोतलाडोह बांध के पानी को, एक और बांध महाराष्ट्र राज्य के पारसिवनी के पास कामठी खैरी बांध बनाकर रोका गया है।
कामठी खैरी बांध की ऊंचाई 32 मीटर है एवं लंबाई 876 मीटर है। इस बांध का पानी सिंचाई एवं पेयजल हेतु नागपुर जिले, भंडारा जिले को प्रदाय किया जाता है।
छिंदवाड़ा जिले में पेंच नदी के दोनों ओर कोयले के विशाल भंडार पाये जाते हैं।
इस प्रकार यह स्पष्ट है कि छिंदवाड़ा जिले की एक नदी - पेंच नदी, कैसे दो विशाल जिले - नागपुर जिले और छिंदवाड़ा जिले की जीवनदायिनी रेखा है।
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