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कितने हैं छिंदवाड़ा जिले में जलप्रपात (भाग-1), मध्यप्रदेश?? (Waterfall's in District Chhindwara, Madhya Pradesh)

संपूर्ण छिंदवाड़ा जिला सतपुड़ा पर्वत श्रेणियों की गोद में बसा हुआ है। छिंदवाड़ा जिले में 11 विकासखंड हैं। सिर्फ चौरई विकास खंड को छोड़कर जिले के अन्य सभी 10 विकास खंडों में भ्रमण करने पर हमें पहाड़ी युक्त घाटियों वाले मार्ग मिलते हैं। 

कहीं-कहीं थोड़े बहुत मैदानी क्षेत्र भी हैं। प्रत्येक विकास खंड में अंदर की ओर घूमने पर चारों ओर सदाबहार सघन वृक्षों की कतारें रास्ते के दोनों ओर मिलती हैं। साथ ही साथ पर्वत मालाओं का स्वरूप ऐसा है कि सड़कों के मोड़ मनोरंजक उपस्थिति देते हैं।

इस नयनाभिराम दृश्य को देखकर पर्यटक प्रकृति के इस अनूठे सौंदर्य को निहारते हुए अभिभूत हो जाते हैं। छोटी-बड़ी पहाड़ियों से युक्त कहीं-कहीं विशाल शिलाखंड से वर्षा काल में जलप्रपात का निर्माण हो जाता हैं। वैसे भी छिंदवाड़ा जिले में 20 से अधिक छोटी-बड़ी नदियों का उद्गम स्थान है। 

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इन नदियों के बहाव से भी पहाड़ी क्षेत्र एवं घाटियों में जलप्रपात का निर्माण स्वाभाविक रूप से हो जाता है। इसके अलावा जंगल पहाड़ों से बहने वाला जल प्रवाह भी अल्पकालीन समय के जलप्रपातों का निर्माण करते हैं। 

वर्षा काल के समय बनने वाले इन पहाड़ी जलप्रपातों का समय जुलाई से अक्टूबर-नवंबर तक रहता है। कहीं कहीं ये जलप्रपात माह दिसंबर तक प्रवाहमान रहते हैं। 

छिंदवाड़ा जिले में 25 से अधिक जलप्रपात हैं। छिंदवाड़ा जिले में घोघरा नाम से कई जलप्रपात हैं। 25 से अधिक जलप्रपातों में कुछ पुराने जाने पहचाने हैं तो कुछ नये जलप्रपात हैं। 

आइये आपको पहले छिंदवाड़ा के जाने पहचाने जलप्रपातों के नामों से अवगत कराते हैं।

छिंदवाड़ा के जाने पहचाने जलप्रपात ‌‌‌‍‍‍:-

1. छोटा महादेव जलप्रपात ✓
इस जलप्रपात की ऊंचाई लगभग 35 फीट है।

इस जलप्रपात की ऊंचाई लगभग 60 फीट है।

इस जलप्रपात की ऊंचाई लगभग 20 फीट है।

4. रानी कसा जलप्रपात ✓
इस जलप्रपात की ऊंचाई लगभग 20 फीट है।

इस जलप्रपात की ऊंचाई 5 /10/ 15/20 फीट है।

इस जलप्रपात की ऊंचाई लगभग 20 से 30 फीट है।

7. कोटरा जलप्रपात ✓
इस जलप्रपात की ऊंचाई लगभग 40 से 50 फीट है।

8. सप्त धारा प्रपात ✓
कम ऊंचाई के सात धाराओं वाला जल प्रवाह है।

(भाग -2 में देखते हैं छिंदवाड़ा जिले के कुछ अल्प ज्ञात एवं अज्ञात जलप्रपात)

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